आजकल की गलत लाइफस्टाइल और गलत खानपान थाइरॉइड की समस्या को उत्पन्न करने के लिए प्रभावी मानी जाती हैं | Thyroid हमारे गले मे होने वाली साइलेंट किलर बीमारी हैं, क्यूंकी Thyroid Patient को इसके आने तक इसके दोषों का पता नहीं चल पता हैं | Thyroid रोग हमारे गले के Thyroid ग्रन्थि से होता हैं | यह रोग पुरुषों के मुकाबले 6-7 गुना अधिक महिलाओ मे पाया जाता हैं | Thyroid रोग होने से रोगियों के शरीर मे हार्मोनल असंतुलन, मोटापा बढ़ना और मानसिक स्थिति खराब होना मुख्य रूप से देखा जाता हैं | आज Thyroid Patient के लिए हम संतुलित Diet चार्ट बताने जा रहे हैं |
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Thyroid क्या हैं ?
Thyroid गर्दन के सामने स्किन के नीचे एक छोटी तितली के आकार की ग्रन्थि होती हैं, जिसके बढ़ने से Thyroid को सही मात्रा मे हार्मोन बनने से रोकती हैं | अगर शरीर मे यह हार्मोन नहीं बने तो, यह Metabolism, दिल की धड़कन, ऊर्जा और वजन को अनियंत्रित कर देता हैं | Thyroid ग्रन्थि का मुख्य कार्य ही Metabolism की चयापचय दर की गति को नियंत्रित करना होता हैं | अधिकांश Thyroid Patient मे Thyroid रोग होने से मोटापा देखने को मिलता हैं |
यह ग्रन्थि दो प्रकार का मुख्य रूप से हार्मोन बनाती हैं |
- T3 (Triiodothyronine)
- T4 (Thyroxine)

Thyroid के कितने प्रकार होते हैं ?
Thyroid के दो प्रकार होते हैं –
1) Hypothyroidism
2) Hyperthyroidism
1 ) Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म) क्या हैं ?
Hypothyroidism होने से हमारी थाइरॉइड ग्रन्थि पर्याप्त मात्रा मे Thyroid हार्मोन्स नहीं बना पाती हैं | इन हार्मोन्स का शरीर मे पर्याप्त मात्रा मे नहीं बनने से कमजोरी, थकान, मोटापा, ठंढ लगना और बालों की झड़ने की समस्या को देखा जाता हैं | इसकी धीमी प्रक्रिया के चलते शरीर मे दिल की धड़कन, पाचन क्रिया, ऊर्जा-स्तर और शरीर का तापमान अनियंत्रित होने लगता हैं | Thyroid Patient मे इसके होने के कई कारण होते हैं-
- Autoimmune Disease
- शरीर मे आयोडीन की कमी
- दवाओ का गलत प्रभाव थाइरॉइड ग्रन्थि पर
- रेडिएशन थेरेपी का गलत प्रभाव
न्यूज आर्टिकल के अनुसार अगर TSH का लेवल 2.0 से ज्यादा बढ़ता हैं, तो Thyroid Patient मे Hypothyroidism का खतरा अधिक रहता हैं |
| Hypothyroidism मे क्या खाए ? | Hypothyroidism मे क्या नहीं खाए ? |
| ओट्स, सबूत अनाज | जंक फूड और तला-भुना पदार्थ |
| पालक, लौकी और अन्य हरी सब्जियां ( प्रोटीनयुक्त ) | सोया प्रोडक्टस |
| आयोडीन युक्त नमक | ब्रोकली, पत्ता गोभी, फूल गोभी |
| आयोडीन युक्त नमक | कॉफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स |
2 ) Hyperthyroidism (अतिगलग्रंथिता) क्या हैं ?
Hyperthyroidism होने से हमारी थाइरॉइड ग्रन्थि पर्याप्त मात्रा से अत्यधिक मात्रा मे थाइरॉइड हार्मोन (Thyroxine & Triiodothyronine) का उत्पादन करने लगती हैं | इस तेजी से बढ़े हुए हार्मोन के चलते Hyperthyroidism को Hyperactive थाइरॉइड भी कहते हैं |
इस थाइरॉइड हार्मोन के तेजी से बढ़ने से शरीर मे धड़कन का तेज होना, पसीना आना, अत्यधिक तनाव होना और नींद की समस्या का सामना करना पड़ता हैं | Thyroid Patient मे इसके होने के कई कारण होते हैं-
- Autoimmune Disorder से थाइरॉइड ग्रन्थि अधिक मात्रा मे हार्मोन्स बनने लगती हैं |
- अत्यधिक आयोडीन का सेवन करना
- दवाओ का अत्यधिक उपभोग करना
- थाइरॉइड ग्रन्थि पर छोटे-छोटे गांठ बनने लगते हैं, जिससे यह खुद ही अधिक मात्रा मे हार्मोन्स बनाने लगती हैं |
| Hyperthyroidism मे क्या खाए ? | Hyperthyroidism मे क्या नहीं खाए ? |
| प्रोटीन युक्त भोजन ( दाल, अंडा, पनीर, दही ) | अधिक नमक नहीं ले |
| हरी पत्तेदार सब्जी ( लौकी, मेथी, स्पिनच ) | समुद्री भोजन ( समुद्री मछली, seaweed ) |
| अंटीऑक्सीडेंट फल ( नींबू, गाजर ) | जंक फूड और तला-भुना पदार्थ |
| सूर्य प्रकाश | कॉफी, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स |

Hypothyroidism और Hyperthyroidism के बीच तुलना-
Hypothyroidism और Hyperthyroidism के बीच मे तुलना नीचे चार्ट के द्वारा दर्शाया गया-
| पैरामीटर | Hypothyroidism | Hyperthyroidism |
| हार्मोन स्थिति | कम T3, T4 | अधिक T3, T4 |
| वजन | बढ़ता है | घटता है |
| आयोडीन सेवन | आवश्यक | सीमित |
| दूध और दही सेवन | हाँ | हाँ, लेकिन सीमित |
| सोया फूड | नहीं | कम मात्रा में |
| व्यायाम | हल्का योग | मेडिटेशन व हल्का वॉक |
Thyroid Patient और Diet के बीच संबंध
अक्सर कहा जाता हैं कि जितनी Autoimmune बीमारियाँ हैं, उसमे संतुलित भोजन का बहुत बड़ा रोल होता हैं | Thyroid Patient के लिए भी इनका खान-पान बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं |
अगर आपका Diet सही नहीं हैं तो कई बार आपकी दवाईयां भी सही ढंग से काम नहीं कर पाती हैं | नीचे दर्शाये गए चार्ट मे Diet अपने डॉक्टर के सलाह से जरूर ले |
| Thyroid के प्रकार | Hypothyroidism | Hyperthyroidism |
| सुबह उठने पर (06:00-07:00 AM) | ग्रीन टी, त्रिफला जूस | ठंडा दूध या तुलसी पानी |
| नाश्ता (08:00-09:00 AM) | ओट्स, दलिया, अंडे, पपीता, सेब, ग्रीन टी | सबूत अनाज की रोटी या पराठा, आलू की सब्जी या अंडा भुरजी ,केला, आम |
| मिड मॉर्निंग स्नैक्स (11:00 AM) | नारियल पानी, बादाम और छाछ | लस्सी या दूध , किशमिश, अखरोट |
| दोपहर भोजन (01:00-02:00 PM) | ब्राउन राइस, मलटीग्रेन रोटी, दाल या राजमा, सब्जी ( लौकी, तोरी, परवल ) | सफेद चावल, दाल या छोले, ग्रीन सलाद, सब्जी ( गाजर, आलू, बीन्स ) |
| शाम का स्नैक्स (05:00 PM) | ग्रीन टी या अदरक वाली हर्बल चाय | मूंगफली चिवडा या फ्रूट्स जूस |
| रात्रि भोजन (08:00-09:00 PM) | दलिया, वेज सूप, grilled सब्जी, रात को दूध डॉक्टर के सलाह पर | खिचड़ी या हल्का भोजन, दूध या केला |

अंतिम कथन
Thyroid बीमारी का इलाज सिर्फ दवाओ से ही नहीं, बल्कि संतुलित भोजन और योग-व्यायाम से भी नियंत्रित कर सकते हैं | सही Diet, नियमित Exercise, स्ट्रेस पर नियंत्रण और समय पर दवा लेकर आप Thyroid पर नियंत्रण रख सकते हैं | यह बीमारी बिना बताए आती हैं, क्यूंकी शुरू मे इसका पता नहीं चल पता हैं | भले ही यह बीमारी सामान्य लगती हो, लेकिन सही समय पर इलाज इसमे बहुत जरूरी होता हैं | Thyroid Patient हमेशा डॉक्टर से सलाह ले और डॉक्टर के संपर्क मे रहे |
क्या डाइट के द्वारा Thyroid को सही किया जा सकता हैं ?
संतुलित Diet, योगा-व्यायाम , और दवाईयों से आप Thyroid को कंट्रोल कर सकते हैं, लेकिन पूर्णतः ठीक नहीं कर सकते हैं |
Thyroid के रोगी क्या दूध का सेवन कर सकते हैं ?
आप दूध का सेवन हा कर सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा मे |
Thyroid मे आयोडीन का उपभोग कर सकते हैं ?
Thyroid Patient सीमित मात्रा मे आयोडीन का सेवन कर सकते हैं | अगर आप अधिक मात्रा मे आयोडीन का सेवन करते हैं, तो Hyperthyroidism का शिकार हो सकते हैं | वही अगर आप कम मात्रा मे आयोडीन का सेवन करते हैं तो Hypothyroidism का शिकार हो सकते हैं |
थाइरॉइड के रोगी को कौन-कौन से योगा करने चाहिए ?
इस रोग से ग्रसित रोगी को हलासन, सर्वांगसन, मत्स्यासन और कपालभाती करना चाहिए |
Thyroid रोगी को क्या आयुर्वेदिक हर्बल लेने चाहिए ?
हाँ, बिल्कुल Thyroid Patient आयुर्वेदिक हर्बल जैसे- त्रिफला, अश्वगंधा, गिलोई आदि को ले सकते हैं |



